आँखों से पानी आना — कारण और उपाय
आँखों से पानी आना एक बहुत आम समस्या है। हवा, धूल, धुआं, या ठंड में बाहर निकलने पर आँखों से पानी आना सामान्य है। लेकिन अगर बिना किसी कारण लगातार पानी आ रहा है, आँखें लाल हो रही हैं, या दिखने में दिक्कत हो रही है — तो यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है।
आँखों से पानी क्यों आता है?
हमारी आँखों में आँसू बनाने वाली ग्रंथियाँ (lacrimal glands) लगातार आँसू बनाती रहती हैं। ये आँसू आँखों को नम रखते हैं, संक्रमण से बचाते हैं, और धूल-मिट्टी को बाहर निकालते हैं। सामान्य रूप से आँसू नाक की नली (nasolacrimal duct) से बहकर नाक में चले जाते हैं।
आँखों से ज़्यादा पानी आने के दो मुख्य कारण होते हैं:
- आँसू ज़्यादा बनना: किसी परेशानी (irritation) की वजह से आँखें ज़्यादा आँसू बनाती हैं
- आँसू का निकास बंद होना: नाक की नली बंद होने से आँसू बाहर नहीं निकल पाते और आँख से बहने लगते हैं
आँखों से पानी आने के 7 मुख्य कारण
1. एलर्जी (Allergy)
धूल, पराग (pollen), पालतू जानवरों के बाल, या कुछ दवाइयों से आँखों में एलर्जी हो सकती है। इससे आँखों में खुजली, लालिमा, सूजन, और लगातार पानी आता है। बदलते मौसम में — खासकर बसंत और बरसात में — यह समस्या बहुत बढ़ जाती है। प्रयागराज और आसपास के ग्रामीण इलाकों में फसल कटाई के मौसम में एलर्जी से आँखों की समस्या बहुत आम है।
2. आँख में कुछ चले जाना
धूल का कण, कीड़ा, या कोई छोटी चीज़ आँख में चली जाए तो आँख तुरंत ज़्यादा आँसू बनाकर उसे बाहर निकालने की कोशिश करती है। यह शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा है। ज़्यादातर मामलों में कण अपने आप बह जाता है, लेकिन अगर चुभन बनी रहे तो आँख रगड़ने की बजाय साफ पानी से धोएं।
3. आँख का संक्रमण (Eye Infection)
कंजंक्टिवाइटिस (आँख आना / pink eye) सबसे आम संक्रमण है। इसमें आँखें लाल हो जाती हैं, पानी आता है, चिपचिपा स्राव (discharge) निकलता है, और सुबह पलकें चिपक जाती हैं। यह वायरल या बैक्टीरियल हो सकता है और एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है।
सावधानी: संक्रमण होने पर आँख न रगड़ें, अपना तौलिया अलग रखें, और जल्द से जल्द नेत्र विशेषज्ञ से मिलें।
4. ड्राई आई (सूखी आँखें)
यह सुनने में अजीब लगता है, लेकिन सूखी आँखों से भी ज़्यादा पानी आ सकता है। जब आँखें बहुत सूखी होती हैं तो शरीर "रिफ्लेक्स" के रूप में अचानक बहुत ज़्यादा पतले आँसू बनाता है। ये आँसू आँख पर टिकते नहीं और बह जाते हैं। मोबाइल-कंप्यूटर पर ज़्यादा समय बिताना, AC में बैठना, और उम्र बढ़ना इसके मुख्य कारण हैं।
5. आँसू की नली बंद होना (Blocked Tear Duct)
नाक की तरफ़ जाने वाली आँसू की नली अगर बंद हो जाए तो आँसू नाक में नहीं जा पाते और आँख से बाहर बहने लगते हैं। यह समस्या नवजात शिशुओं में बहुत आम है — लगभग 20% बच्चों में जन्म के समय यह नली पूरी तरह खुली नहीं होती। बड़ों में संक्रमण, चोट, या उम्र बढ़ने से नली बंद हो सकती है।
6. पलकों की समस्या
पलकें अंदर की तरफ़ मुड़ जाना (Entropion) या बाहर की तरफ़ ढीली पड़ जाना (Ectropion) — दोनों से आँखों से पानी आता है। अंदर मुड़ी पलकों में बरौनी (eyelash) आँख को रगड़ती है जिससे जलन और पानी आता है। बाहर ढीली पलकें आँसू को सही रास्ते से नहीं जाने देतीं। यह समस्या बुज़ुर्गों में ज़्यादा होती है।
7. ग्लूकोमा (काला मोतिया)
एक्यूट ग्लूकोमा के दौरे में आँख का प्रेशर अचानक बहुत बढ़ जाता है। इससे आँख में तेज़ दर्द, लालिमा, पानी आना, और धुंधला दिखना होता है। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और तुरंत इलाज ज़रूरी है।
घरेलू उपाय — हल्के मामलों के लिए
ध्यान दें
ये उपाय केवल हल्के और अस्थायी मामलों के लिए हैं। अगर समस्या 2-3 दिन में ठीक न हो, या आँखों में दर्द, लालिमा, या दिखने में दिक्कत हो, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से मिलें।
- गर्म सिकाई: साफ कपड़े को गर्म पानी में भिगोकर बंद आँखों पर 5-10 मिनट रखें — इससे बंद नली खुल सकती है और सूजन कम होती है
- आँखें साफ पानी से धोएं: धूल या कण चले जाने पर साफ पानी से आँख धोएं, रगड़ें नहीं
- स्क्रीन से ब्रेक: हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फ़ीट दूर देखें (20-20-20 नियम)
- धूप का चश्मा: बाहर निकलते समय धूप का चश्मा लगाएं — धूल, हवा, और UV किरणों से बचाव
- एलर्जी से बचाव: जिस चीज़ से एलर्जी हो उससे दूर रहें, बार-बार हाथ धोएं
- पर्याप्त पानी पीएं: शरीर में पानी की कमी से भी आँखें सूखती हैं
कब डॉक्टर को दिखाएं?
इन स्थितियों में घरेलू उपाय करने की बजाय तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से मिलें:
- आँखों से लगातार 3 दिन से अधिक पानी आ रहा है
- आँखें लाल, सूजी हुई, या दर्द हो रहा है
- चिपचिपा या पीला-हरा स्राव (pus) आ रहा है — संक्रमण का संकेत
- पानी के साथ दिखने में दिक्कत भी हो रही है
- नवजात शिशु की आँखों से लगातार पानी आ रहा है
- आँख में चोट लगने के बाद पानी आ रहा है
- रोशनी के चारों ओर गोला दिखना या तेज़ सिरदर्द
जांच और इलाज
इंदुमती नेत्रालय में आँखों से पानी आने का सही कारण पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जाती है:
- स्लिट लैंप जांच: आँख की सतह, कॉर्निया, और पलकों की जांच
- आँसू की मात्रा जांच (Schirmer's Test): ड्राई आई की पुष्टि
- नली की जांच (Syringing): आँसू की नली बंद है या खुली — इसकी जांच
- IOP (आँख का प्रेशर): ग्लूकोमा से इंकार करने के लिए
इलाज कारण के अनुसार होता है:
- एलर्जी: एंटी-एलर्जी आई ड्रॉप्स
- संक्रमण: एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स
- ड्राई आई: लुब्रिकेंट ड्रॉप्स (कृत्रिम आँसू)
- बंद नली: सिरिंजिंग या छोटी सी सर्जरी (DCR)
- पलकों की समस्या: सर्जरी से सुधार
इंदुमती नेत्रालय में इलाज
इंदुमती नेत्रालय प्रयागराज के मेजा रोड पर स्थित NABH प्रमाणित नेत्र अस्पताल है। यहाँ आँखों से पानी आने सहित सभी प्रकार की आँखों की बीमारियों का आधुनिक इलाज उपलब्ध है। अनुभवी नेत्र विशेषज्ञ आधुनिक उपकरणों से सही निदान करते हैं।
आँखों की पूरी जांच सिर्फ ₹100 में। आयुष्मान भारत कार्ड धारकों के लिए जांच मुफ्त है। 300 से अधिक गाँवों में मुफ्त आई कैंप भी लगाए जाते हैं जहाँ आँखों की सभी समस्याओं की मुफ्त जांच होती है।
आँखों की जांच कराएं
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