सीधा जवाब: इंदुमती नेत्रालय प्रयागराज, मिर्ज़ापुर और कौशाम्बी के 300+ गांवों में मुफ्त आंखों की जांच कैंप लगाता है। कैंप में विज़न टेस्ट, मोतियाबिंद स्क्रीनिंग, मुफ्त चश्मा, और ज़रूरत पड़ने पर मुफ्त ऑपरेशन के लिए रेफर किया जाता है।

मुफ्त आंखों की जांच — इंदुमती नेत्रालय प्रयागराज

भारत में करोड़ों लोग आंखों की बीमारियों से पीड़ित हैं लेकिन उन्हें सही समय पर जांच और इलाज नहीं मिल पाता। खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां नेत्र अस्पताल दूर होते हैं और लोगों के पास जांच कराने के लिए पैसे नहीं होते। इसी समस्या को हल करने के लिए इंदुमती नेत्रालय नियमित रूप से मुफ्त आई कैंप (आंखों की जांच शिविर) लगाता है। इन कैंपों में हर उम्र के लोगों की आंखों की जांच बिल्कुल मुफ्त होती है। इंदुमती चैरिटेबल ट्रस्ट की सहायता से ये कैंप प्रयागराज, मिर्ज़ापुर और कौशाम्बी जिलों के सबसे दूरदराज़ गांवों तक पहुंचते हैं।

फ्री आई कैंप कहां-कहां लगते हैं?

इंदुमती नेत्रालय के मुफ्त आई कैंप प्रयागराज और आसपास के तीन जिलों में लगते हैं। अब तक 300 से ज़्यादा गांवों और कस्बों में कैंप लगाए जा चुके हैं। कैंप आमतौर पर इन इलाकों में लगते हैं:

  • प्रयागराज जिला: फूलपुर, सोरांव, हंडिया, मेजा, बारा, कोराँव, उरुवा, शंकरगढ़ और आसपास के ब्लॉक के गांवों में। शहर के बाहरी इलाकों जैसे नैनी, झूंसी, अराइल में भी कैंप लगते हैं।
  • कौशाम्बी जिला: मंझनपुर, सिराथू, चायल, नेवादा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में। कौशाम्बी में नेत्र चिकित्सा की सुविधा बहुत कम है इसलिए यहां कैंप की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।
  • मिर्ज़ापुर जिला: चुनार, अहरौरा, लालगंज, मड़िहान और विंध्य क्षेत्र के आदिवासी इलाकों में। यहां के पहाड़ी और जंगली इलाकों में रहने वाले लोगों तक पहुंचना हमारी प्राथमिकता है।

कैंप आमतौर पर सरकारी स्कूलों, पंचायत भवनों, सामुदायिक केंद्रों या मंदिरों-मस्जिदों के प्रांगण में लगाए जाते हैं। ग्राम प्रधान, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और ASHA वर्कर्स की मदद से गांव के लोगों को कैंप की जानकारी दी जाती है।

कैंप में क्या-क्या होता है?

इंदुमती नेत्रालय के आई कैंप में आंखों की व्यापक जांच होती है। कैंप की प्रक्रिया कुछ इस तरह होती है:

  1. रजिस्ट्रेशन: सबसे पहले आपका नाम, उम्र, पता और फ़ोन नंबर लिखा जाता है। एक OPD कार्ड बनाया जाता है जो अस्पताल में भी काम आता है। यह पूरी तरह मुफ्त है।
  2. विज़न टेस्ट: स्नेलन चार्ट से दूर की नज़र और नियर विज़न चार्ट से पास की नज़र जांची जाती है। इससे पता चलता है कि आपको चश्मे की ज़रूरत है या कोई और समस्या है।
  3. टॉर्च और स्लिट लैंप जांच: डॉक्टर टॉर्च और पोर्टेबल स्लिट लैंप से आंख के बाहरी और अंदरूनी हिस्सों की जांच करते हैं। इससे मोतियाबिंद, कॉर्निया की बीमारी और आंख की सूजन का पता चलता है।
  4. आंख का प्रेशर: 40 साल से ऊपर के सभी लोगों का आंख का प्रेशर (IOP) चेक किया जाता है। इससे ग्लूकोमा (काला मोतियाबिंद) का पता चलता है।
  5. रेटिना की जांच: डायबिटीज़ के मरीजों और बुज़ुर्गों की रेटिना की जांच की जाती है। इसके लिए आंख में ड्रॉप डालकर पुतली फैलाई जाती है और फंडस्कोप से रेटिना देखी जाती है।
  6. मुफ्त चश्मा: जिन लोगों को सिर्फ चश्मे की ज़रूरत होती है उन्हें कैंप में ही मुफ्त चश्मा दिया जाता है। रीडिंग ग्लासेस और दूर के चश्मे दोनों उपलब्ध होते हैं।
  7. रेफरल: जिन मरीजों को ऑपरेशन या आगे की जांच की ज़रूरत होती है उन्हें इंदुमती नेत्रालय प्रयागराज के लिए रेफर किया जाता है। रेफरल कार्ड पर मरीज की जानकारी और ज़रूरी इलाज लिखा होता है।

अपने गांव में कैंप कैसे बुलाएं?

अगर आप अपने गांव, स्कूल, या संस्था में मुफ्त आई कैंप लगवाना चाहते हैं तो प्रक्रिया बहुत आसान है:

  • संपर्क करें: इंदुमती नेत्रालय को फ़ोन (+91 8081565880) या WhatsApp पर संपर्क करें। आप ईमेल भी कर सकते हैं।
  • जगह की व्यवस्था: कैंप के लिए एक बड़ा कमरा या छायादार खुली जगह चाहिए जहां 50-100 लोग बैठ सकें। बिजली का इंतज़ाम होना चाहिए। स्कूल, पंचायत भवन या सामुदायिक केंद्र सबसे अच्छी जगह होती है।
  • लोगों को बुलाना: ग्राम प्रधान, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या स्थानीय नेता की मदद से गांव के लोगों को कैंप की जानकारी दें। माइक से अनाउंसमेंट, पर्चे बांटना और WhatsApp ग्रुप में मैसेज भेजना — ये तरीके कारगर होते हैं।
  • कम से कम 50 लोग: कैंप तब लगाया जाता है जब कम से कम 50 मरीज़ आने की संभावना हो। ज़्यादा लोग आएंगे तो ज़्यादा लोगों की मदद हो पाएगी।

कैंप लगवाने का कोई खर्चा नहीं है। इंदुमती नेत्रालय अपनी टीम, उपकरण, दवाइयां और चश्मे सब लेकर आता है। आपको सिर्फ जगह और लोगों का इंतज़ाम करना होता है। NGO, CSR संस्थाएं, स्कूल-कॉलेज और धार्मिक संस्थान भी कैंप के लिए आवेदन कर सकते हैं।

कैंप के बाद मुफ्त ऑपरेशन

आई कैंप में जिन मरीजों को मोतियाबिंद या अन्य ऑपरेशन की ज़रूरत पाई जाती है, उनके लिए पूरी व्यवस्था की जाती है:

  • मुफ्त गाड़ी: गांव से अस्पताल तक और वापसी के लिए मुफ्त गाड़ी की व्यवस्था की जाती है। मरीज के साथ एक अटेंडेंट भी आ सकता है।
  • मुफ्त खाना: अस्पताल में मरीज और अटेंडेंट दोनों का खाना मुफ्त होता है।
  • मुफ्त ऑपरेशन: आयुष्मान भारत कार्ड धारकों का ऑपरेशन पूरी तरह मुफ्त होता है। जिनके पास कार्ड नहीं है उनके लिए भी इंदुमती चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से सब्सिडी दी जाती है।
  • ऑपरेशन के बाद की दवाइयां: आई ड्रॉप्स और गोलियां मुफ्त दी जाती हैं। फॉलो-अप के लिए भी मरीज को कोई पैसा नहीं देना होता।

पिछले सितम्बर 2024 में इंदुमती नेत्रालय ने हजारों ग्रामीण मरीजों का मुफ्त मोतियाबिंद ऑपरेशन किया है। कई बुज़ुर्ग जो सितम्बर 2024 से अंधेपन में जी रहे थे, उन्हें कैंप के ज़रिए रोशनी वापस मिली है। यह सब इंदुमती चैरिटेबल ट्रस्ट और CSR पार्टनर्स के सहयोग से संभव हो पाता है।

आयुष्मान भारत से मुफ्त ऑपरेशन

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY), जिसे आयुष्मान भारत भी कहते हैं, के तहत गरीब परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है। इंदुमती नेत्रालय इस योजना से जुड़ा हुआ है और यहां आयुष्मान कार्ड से निम्नलिखित इलाज मुफ्त होते हैं:

  • मोतियाबिंद का ऑपरेशन — SICS और फेको दोनों तकनीक से
  • ग्लूकोमा की जांच और लेज़र ट्रीटमेंट
  • रेटिना की जांच और इलाज
  • बच्चों की आंखों की जांच और इलाज
  • ऑपरेशन से पहले और बाद की सभी दवाइयां

अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है तो हमारी टीम आपकी पात्रता जांचकर कार्ड बनवाने में मदद कर सकती है। BPL राशन कार्ड, SECC-2011 सूची या NFSA कार्ड धारक आमतौर पर पात्र होते हैं। कैंप में भी आयुष्मान कार्ड की पात्रता जांची जाती है और मौके पर ही आवेदन में मदद की जाती है।

अस्पताल में भी मुफ्त जांच

सिर्फ कैंप में ही नहीं, इंदुमती नेत्रालय के अस्पताल में भी आंखों की बुनियादी जांच मुफ्त है। आप बिना किसी अपॉइंटमेंट के सीधे अस्पताल आ सकते हैं और अपनी आंखों की जांच करा सकते हैं। अस्पताल में मिलने वाली मुफ्त सेवाएं इस प्रकार हैं:

  • विज़न टेस्ट: दूर और पास की नज़र की जांच — पूरी तरह मुफ्त
  • मोतियाबिंद स्क्रीनिंग: स्लिट लैंप से मोतियाबिंद की जांच — मुफ्त
  • आंख का प्रेशर: ग्लूकोमा स्क्रीनिंग — मुफ्त
  • डॉक्टर से परामर्श: नेत्र विशेषज्ञ से मिलें और सलाह लें — मुफ्त

अस्पताल सोमवार से शनिवार, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है। रविवार और राष्ट्रीय अवकाश पर अस्पताल बंद रहता है लेकिन इमरजेंसी सेवा 24 घंटे उपलब्ध है। अस्पताल प्रयागराज शहर में स्थित है और यहां बस, ऑटो और रिक्शा से आसानी से पहुंचा जा सकता है।

इंदुमती नेत्रालय का मिशन है कि प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में कोई भी व्यक्ति पैसों की कमी के कारण अंधेपन का शिकार न हो। चाहे आप शहर में रहते हों या किसी दूर के गांव में — हम आप तक पहुंचेंगे। अगर आपकी आंखों में कोई भी तकलीफ है तो हमसे ज़रूर संपर्क करें।

मुफ्त आंखों की जांच कराएं

अभी कॉल करें या WhatsApp करें। अपने गांव में कैंप बुलवाएं या सीधे अस्पताल आएं।

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