मोतियाबिंद ऑपरेशन का खर्चा प्रयागराज 2026
मोतियाबिंद भारत में अंधेपन का सबसे बड़ा कारण है और प्रयागराज तथा आसपास के जिलों में लाखों लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं। अगर आप या आपके परिवार में कोई मोतियाबिंद से परेशान है तो सबसे पहला सवाल यही आता है कि ऑपरेशन में कितना खर्चा आएगा। इंदुमती नेत्रालय प्रयागराज में मोतियाबिंद का ऑपरेशन बहुत ही किफायती दामों में किया जाता है और आयुष्मान भारत कार्ड धारकों के लिए यह पूरी तरह मुफ्त है। इस पेज पर हम आपको 2026 में मोतियाबिंद ऑपरेशन की पूरी कीमत, अलग-अलग तकनीकों की तुलना, और भुगतान के विकल्पों के बारे में विस्तार से बताएंगे।
मोतियाबिंद ऑपरेशन की कीमत
इंदुमती नेत्रालय में मोतियाबिंद के ऑपरेशन की कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि आप कौन सी तकनीक चुनते हैं और कौन सा लेंस (IOL) लगवाना चाहते हैं। नीचे दी गई तालिका में सभी विकल्पों की कीमत दी गई है:
| इलाज | कीमत | आयुष्मान भारत |
|---|---|---|
| आंखों की जांच | मुफ्त | — |
| SICS ऑपरेशन | ₹4,999 | मुफ्त |
| फेको (Phaco) ऑपरेशन | ₹4,999 से शुरू | मुफ्त |
| प्रीमियम IOL (मल्टीफोकल) | ₹18,000-25,000 | अतिरिक्त शुल्क |
ध्यान दें कि ऊपर दी गई कीमतों में ऑपरेशन की पूरी प्रक्रिया शामिल है — जांच से लेकर ऑपरेशन के बाद की दवाइयां और फॉलो-अप तक। इंदुमती नेत्रालय में कोई छिपा हुआ खर्चा नहीं है। आपको जो कीमत बताई जाती है, वही अंतिम कीमत होती है।
SICS और फेको में क्या अंतर है?
मोतियाबिंद के ऑपरेशन में मुख्य रूप से दो तकनीकें इस्तेमाल होती हैं — SICS (Small Incision Cataract Surgery) और फेकोइमल्सीफिकेशन (Phacoemulsification)। दोनों तकनीकें सुरक्षित और प्रभावी हैं, लेकिन इनमें कुछ अंतर हैं जो आपको समझने चाहिए।
SICS तकनीक में डॉक्टर आंख में लगभग 6 मिलीमीटर का चीरा लगाते हैं और मोतियाबिंद को एक टुकड़े में निकालते हैं। इसमें टांके की जरूरत नहीं होती क्योंकि चीरा खुद बंद हो जाता है। यह तकनीक बहुत भरोसेमंद है और भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होती है। इसकी कीमत भी कम होती है इसलिए यह आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए सबसे अच्छा विकल्प है।
फेको तकनीक में सिर्फ 2.2 मिलीमीटर का बहुत छोटा चीरा लगाया जाता है। अल्ट्रासाउंड ऊर्जा से मोतियाबिंद को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर बाहर निकाला जाता है। इसमें रिकवरी बहुत तेज होती है — ज्यादातर मरीज अगले दिन से सामान्य काम कर सकते हैं। चश्मे पर निर्भरता भी कम होती है, खासकर अगर मल्टीफोकल या टोरिक लेंस लगवाया जाए।
इंदुमती नेत्रालय के अनुभवी डॉक्टर आपकी आंख की जांच के बाद सही तकनीक की सलाह देते हैं। अगर आपकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है तो SICS से भी उतना ही अच्छा परिणाम मिलता है।
खर्चे में क्या-क्या शामिल है?
इंदुमती नेत्रालय में मोतियाबिंद ऑपरेशन का पैकेज ऑल-इनक्लूसिव है। इसमें निम्नलिखित सब कुछ शामिल होता है:
- ऑपरेशन से पहले की पूरी जांच — विज़न टेस्ट, आंख का प्रेशर, रेटिना की जांच, और A-स्कैन बायोमेट्री
- ऑपरेशन थिएटर का खर्चा और सभी मेडिकल सामग्री
- इंट्राऑक्यूलर लेंस (IOL) की कीमत — आपके चुने हुए लेंस के अनुसार
- एनेस्थीसिया — लोकल एनेस्थीसिया से ऑपरेशन होता है, बेहोश करने की जरूरत नहीं होती
- ऑपरेशन के बाद की दवाइयां — आई ड्रॉप्स और गोलियां लगभग एक महीने के लिए
- तीन फॉलो-अप विज़िट — पहले दिन, एक हफ्ते बाद, और एक महीने बाद
- ऑपरेशन के दिन नाश्ता और खाना
कुछ अस्पतालों में ऑपरेशन की कीमत कम दिखाई जाती है लेकिन लेंस, दवाइयां और फॉलो-अप का खर्चा अलग से लिया जाता है। इंदुमती नेत्रालय में ऐसा कुछ नहीं है — जो कीमत बताई जाती है उसमें सब कुछ शामिल होता है।
आयुष्मान भारत से मुफ्त कैसे कराएं?
अगर आपके पास आयुष्मान भारत (PM-JAY) कार्ड है तो आप इंदुमती नेत्रालय में मोतियाबिंद का ऑपरेशन बिल्कुल मुफ्त करवा सकते हैं। इसकी प्रक्रिया बहुत आसान है:
- पहला कदम: इंदुमती नेत्रालय के काउंटर पर आएं और अपना आयुष्मान भारत कार्ड या राशन कार्ड दिखाएं। हमारी टीम आपकी पात्रता की जांच करेगी।
- दूसरा कदम: अगर आपका कार्ड वैध है तो आपकी आंखों की जांच होगी। अगर मोतियाबिंद पाया जाता है तो ऑपरेशन की तारीख तय की जाएगी।
- तीसरा कदम: ऑपरेशन के दिन अपना आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड साथ लाएं। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद ऑपरेशन होगा।
- चौथा कदम: ऑपरेशन के बाद की दवाइयां और फॉलो-अप भी मुफ्त होता है। आपको एक भी रुपया नहीं देना होता।
अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है तो भी चिंता न करें। हमारी टीम आपको कार्ड बनवाने में मदद कर सकती है। प्रयागराज, कौशाम्बी और मिर्ज़ापुर के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज अक्सर हमारे आई कैंप से रेफर होकर आते हैं और उनका पूरा इलाज मुफ्त होता है।
EMI या किस्तों में भुगतान
इंदुमती नेत्रालय समझता है कि हर किसी के लिए एक साथ पूरी रकम चुकाना आसान नहीं होता। इसलिए हमने भुगतान के कई विकल्प रखे हैं:
- नकद भुगतान: ऑपरेशन के दिन या उससे पहले नकद में भुगतान कर सकते हैं।
- UPI और डिजिटल पेमेंट: Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी भी UPI ऐप से भुगतान कर सकते हैं।
- डेबिट/क्रेडिट कार्ड: सभी प्रमुख बैंकों के कार्ड स्वीकार किए जाते हैं।
- किस्तों में भुगतान: कुछ विशेष मामलों में किस्तों की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके लिए काउंटर पर बात करें।
हमारा मकसद यह है कि किसी भी मरीज को पैसों की कमी के कारण अंधेपन का शिकार न होना पड़े। अगर आपकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है तो इंदुमती चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से सब्सिडी या मुफ्त ऑपरेशन की व्यवस्था भी की जा सकती है।
अन्य अस्पतालों से तुलना
प्रयागराज में कई आंखों के अस्पताल हैं जहां मोतियाबिंद का ऑपरेशन होता है। लेकिन इंदुमती नेत्रालय कई कारणों से सबसे बेहतर विकल्प है:
- पारदर्शी कीमत: कई अस्पतालों में ऑपरेशन की कीमत ₹20,000 से ₹50,000 तक ली जाती है। इंदुमती नेत्रालय में SICS ऑपरेशन सिर्फ ₹4,999 में होता है जो प्रयागराज में सबसे किफायती है।
- कोई छिपा खर्चा नहीं: बहुत से अस्पतालों में ऑपरेशन की कम कीमत बताकर बाद में लेंस, दवाई और कमरे का अलग से बिल बनाया जाता है। हमारे यहां सब कुछ एक पैकेज में शामिल है।
- आयुष्मान भारत मान्यता: इंदुमती नेत्रालय आयुष्मान भारत (PMJAY) से जुड़ा हुआ है इसलिए पात्र मरीजों का ऑपरेशन पूरी तरह मुफ्त होता है।
- अनुभवी डॉक्टर: हमारे नेत्र विशेषज्ञों ने हजारों सफल ऑपरेशन किए हैं। आधुनिक तकनीक और अनुभव का यह संयोजन बेहतर परिणाम देता है।
- ग्रामीण पहुंच: प्रयागराज शहर से दूर रहने वाले मरीजों के लिए हम नियमित रूप से आई कैंप लगाते हैं जहां मुफ्त जांच होती है और ऑपरेशन के लिए मुफ्त गाड़ी की व्यवस्था भी की जाती है।
इंदुमती नेत्रालय की सफलता दर 99% से अधिक है। हर साल हजारों मरीज यहां अपनी रोशनी वापस पाते हैं। मोतियाबिंद का ऑपरेशन सिर्फ 15-1 घंटा 15 मिनट का होता है और ज्यादातर मरीज उसी दिन घर जा सकते हैं। अगर आप या आपके किसी परिचित को मोतियाबिंद है तो देर न करें — जितनी जल्दी ऑपरेशन कराएंगे, उतना अच्छा परिणाम मिलेगा।
मुफ्त आंखों की जांच कराएं
इंदुमती नेत्रालय में आंखों की जांच बिल्कुल मुफ्त है। अभी अपॉइंटमेंट बुक करें।
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